*डॉ. विकास गुप्ता “जीत” 60वीं बार बने रक्तसखा, मानवता की सेवा का दिया संदेश*
ललितपुर। समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय गेटेम्बे फाउंडेशन (ग्लोबल एमपावरमेंट टीम मिशन बेटियां) के संस्थापक डॉ. विकास गुप्ता “जीत” ने आज 60वीं बार रक्त देकर मानवता के प्रति अपने समर्पण को एक बार फिर सिद्ध किया।डॉ. जीत पिछले लगभग 12 वर्षों से अपनी संस्था और टीम के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बेटी सम्मान, सामाजिक जागरूकता एवं जरूरतमंदों की सहायता जैसे अनेक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। समाज में बेटियों के सम्मान और सेवा भावना को मजबूत करने के लिए संस्था लगातार सक्रिय रहती है।
आज रक्त देकर उन्होंने कहा कि यह कोई “कार्यक्रम” नहीं बल्कि मानवता के प्रति एक छोटा सा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि “रक्तदान” शब्द से अधिक “रक्तसखा” शब्द अपनाना चाहिए, क्योंकि जीवन स्वयं ईश्वर का दिया हुआ उपहार है। हम किसी को जीवन का दान नहीं देते, बल्कि सेवा और सहयोग के माध्यम से किसी के जीवन को बचाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्त देकर जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। उनका मानना है कि सेवा का कोई मंच या अवसर नहीं होता, बल्कि मानवता के लिए किया गया हर छोटा प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है।
गेटेम्बे फाउंडेशन द्वारा समय-समय पर रक्तसखा सहयोग, डॉक्टर कनेक्शन अभियान, शिक्षा सहायता, बेटी सम्मान अभियान तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्य किए जाते रहे हैं। संस्था का उद्देश्य समाज में सेवा, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने डॉ. विकास गुप्ता “जीत” के इस प्रेरणादायी कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।
