‘भयउ भंजनु भव भीरु’ के उद्घोष से गूँजा पंडाल: प्रभु राम ने तोड़ा शिव धनुष, मिथिला में रचा ब्याह
गोंडा हरिगढ़। आदर्श रामचरित प्रदर्शन समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन जनकपुर के भव्य स्वयंवर और राम-सीता विवाह का प्रसंग सुनाया गया। श्री धाम अयोध्या से पधारे व्यास जी महाराज दीपक मिश्रा जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से शिव धनुष भंग और चारों भाइयों के विवाह का ऐसा सजीव वर्णन किया कि श्रोता भक्ति रस में सराबोर हो गए।
कथा प्रसंग: जब टूटी शिव की पिनाक और गूँजी शहनाइयां
व्यास जी ने महाराज जनक की प्रतिज्ञा से लेकर अयोध्या की बारात तक के सफर का विस्तार से वर्णन किया:
- धनुष भंग और सीता का वरण: राजा जनक की शर्त थी कि जो शिव धनुष (पिनाक) पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, वही सीता का वर बनेगा। बड़े-बड़े वीर योद्धा जब असफल हो गए, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु राम ने सहज ही धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह दो टुकड़ों में टूट गया। माता सीता ने जयमाला डालकर प्रभु को वर रूप में स्वीकार किया।
- परशुराम-लक्ष्मण संवाद: धनुष टूटने की टंकार सुनकर क्रोधित परशुराम जी सभा में आए, लेकिन श्रीराम की विनम्रता और वास्तविकता जानकर उनका क्रोध शांत हुआ और वे तपस्या के लिए महेंद्र पर्वत चले गए।
- चारों भाइयों का विवाह: मिथिला की पावन धरती पर केवल राम-सीता ही नहीं, बल्कि लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति का विवाह भी विधि-विधान से संपन्न हुआ।
- अवध से आई बारात: महाराज दशरथ जब चारों पुत्रों की बारात लेकर जनकपुर पहुँचे, तो मिथिला वासियों ने मंगल गीतों और उत्सवों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
“राम-सीता का विवाह मात्र दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि धर्म और शक्ति के समन्वय का प्रतीक है।” — व्यास दीपक मिश्रा जी
भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पावन प्रसंग के दौरान पंडाल ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर समिति के निम्नलिखित पदाधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
- मुख्य पदाधिकारी: अध्यक्ष धर्मा भैया, महामंत्री अभिषेक पालीवाल, कोषाध्यक्ष तरुण अटल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेश भज्जी।
- विशेष उपस्थिति: नेत्रपाल शर्मा (तहसील सोशल मीडिया प्रभारी, राष्ट्रीय हनुमान दल)।
- सहयोगी सदस्य: घनश्याम बजरंगी, इशांत वार्ष्णेय, लक्ष्मण गुप्ता, रामेश्वर गौतम उपाध्याय, सचिन वार्ष्णेय।
सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय भक्तगणों और कार्यकर्ताओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ कमाया।
अविनाश कुमार ब्लाक गोंडा रिपोर्टर की खास रिपोर्ट
