*सर्दी का बढ़ा सितम गोवंशों का हो रहा नाक में दम जिम्मेदारों को नहीं कोई गम*
*गौशालाओं में गोवंशों को सर्दी से बचाने के नहीं दिख रहे पुख्ता इंतजाम*
*बिधूना,औरैया।* इस समय सर्दी का प्रकोप चरम पर है और ऐसे में जिलाधिकारी द्वारा भी जिले की गौशालाओं में आश्रय पा रहे गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के संबंधित जिम्मेदारों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं किंतु इसके बावजूद जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि औरैया जिले की बिधूना औरैया अजीतमल समेत सभी तहसीलों की अधिकांश गौशालाओं में गौवंशों को ठंड से बचने के अपेक्षित पुख्ता इंतजाम नहीं दिख रहे हैं वहीं दूसरी ओर जीने लायक चारा पानी पाकर ठंड से सरेआम आज तक गोवंश ठिठुरते नजर आ रहे हैं जिससे जिलाधिकारी के सख्त निर्देश भी संबंधित जिम्मेदारों की मनमानी के आगे हवा हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं। सर्दी का भीषण सितम होने के बावजूद भी अधिकांश गौशालाओं के जिम्मेदारों में इसका कोई गम नजर नहीं आ रहा है। . कहने को तो जिलाधिकारी डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा पिछले लगभग डेढ़ माह पूर्व ही गौशालाओं से संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों व जिम्मेदारों को गौवंशों को सर्दी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं किंतु जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि औरैया जिले की अधिकांश गौशालाओं में जिलाधिकारी के यह आदेश हवा हवाई साबित होते नजर आ रहे हैं।भूख प्यास बीमारी से ज्यादातर गोवंश जूझते दिख रहे हैं वहीं दूसरी ओर अब यह भीषण सर्दी इन गोवंशों के ऊपर और अधिक भारी पड़ती नजर आ रही है। जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि गौशालाओं में आश्रय पा रहे अधिकांश गोवंशों को सिर्फ जीने लायक ही चारा पानी उपलब्ध हो पाता है और यही कारण है कि गौशालाओं में आश्रय पा रहे गोवंश बेहद कमजोर और जर्जर हालत में नजर आ रहे है। जिलाधिकारी डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी के सख्त निर्देशों के बावजूद संबंधित जिम्मेदार गौशालाओं में गौवंशों को ठंड से बचाने के प्रति अब तक गंभीर होते नजर नहीं आ रहे हैं ऐसे में यह सर्दी इस बार कहीं गोवंशों पर भारी पड़ने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है वहीं इस बात को लेकर औरैया जिले के बुद्धिजीवी भी बेहद चिंतित हैं। जिले के जागरूक लोगों ने जल्द गौशालाओं में गोवंशों को सर्दी से बचाने के पुख्ता इंतजाम कराए जाने के साथ उनके चारे पानी वह दावों की बेहतर व्यवस्था कराने की शासन व जिला प्रशासन से मांग करते हुए जल्द समस्या का निराकरण न होने पर इसके खिलाफ आंदोलनात्मक कदम उठाने की भी चेतावनी दी है।
