*हवन यज्ञ और भंडारे के साथ हुआ श्रीमद् भागवत कथा का समापन*
*फफूंद। औरैया*
ब्लॉक भाग्यनगर के ग्राम केशमपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का विश्व शांति एवं सर्वकल्याण की कामना से समापन हुआ। कथा के समापन पर हवन यज्ञ और विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। भंडारे में सर्वप्रथम कन्याओ व संत महात्माओ को भोज कराकर व दक्षिणा देकर विदा किया। जिसके बाद भंडारा देर रात्रि तक चलता रहा।इस दौरान आचार्य पं प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है।यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मन वांछित फल प्रदान करते हैं।और बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत कथा से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथा के समापन पर यजमान परीक्षित श्यामदास गुप्ता उमाकांति गुप्ता वअन्य सदस्यों ने व्यासपीठ पर आरती की। कथा समापन पर भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया।इस दौरान ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर परीक्षित श्याम दास गुप्ता उमाकांति गुप्ता ,शैलेंद्र गुप्ता, सोनू, राज किशोर तिवारी, एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।
