रामलीला में सुग्रीव मित्रता,बाली वध,सीता खोज, लंका दहन का हुआ मंचन*
फफूंद। औरैया
नगर में चल रही ऐतिहासिक रामलीला का मंचन किया गया। इस दौरान सुग्रीव मित्रता,बाली वध, सीता खोज और लंका दहन जैसी प्रमुख लीलाओं का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया। एडवोकेट नीलमणि दीक्षित ने फीता काटकर व ऊधम चंद्र अग्रवाल और उनके छोटे भाई सोमचंद्र अग्रवाल ने गणेश पूजन और भगवान श्री रामचंद्र की आरती कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।रामलीला में सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सीता खोज, लंका दहन जैसे प्रसंगों को भी दर्शाया गया। दर्शकों ने इन लीलाओं का भरपूर आनंद लिया।
हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात विभीषण से हुई। विभीषण ने हनुमान जी को बताया कि रावण ने सीता माता को अशोक वाटिका में रखा है।
हनुमान जी ने अशोक वाटिका पहुंचकर सीता माता को भगवान रामचंद्र की अंगूठी दी और इसके बाद अशोक वाटिका को तहस-नहस कर दिया।
रावण को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने मेघनाद को हनुमान को पकड़ने भेजा। हनुमान जी ने अक्षय कुमार को मूर्छित कर दिया, जिसके बाद मेघनाद ने उन्हें नागपाश में बांधकर रावण के समक्ष प्रस्तुत किया।रावण के दरबार में सलाह दी गई कि हनुमान को मृत्युदंड न देकर उनकी पूंछ में आग लगा दी जाए। पूंछ में आग लगते ही हनुमान जी ने उछल-कूद करते हुए पूरी लंका को आग के हवाले कर दिया और फिर समुद्र में जाकर आग बुझाई।इस भव्य मंचन को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बब्लू अग्निहोत्री,रानू अग्निहोत्री, छोनू शुक्ला, ओमबाबू तिवारी,आशीष बाजपेई, कृपा शंकर शुक्ला, सहित कमेटी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
