March 12, 2026

*पांच साल बाद पूर्व एमएलसी व गनर को सुप्रीम कोर्ट से राहत*

*औरैया।* शहर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व गनर को सुप्रीम कोर्ट से लगभग पांच साल बाद राहत मिली। हाईकोर्ट ने इनकी जमानत नामंजूर कर दी थी।
फैसले के खिलाफ वादी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बुधवार को सुनवाई में कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को जायज माना और याचिका को खारिज कर दिया। इस हत्याकांड को पांच साल छह माह 24 दिन पहले अंजाम दिया गया था। दोहरे हत्याकांड में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शहर के मोहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता, उनकी चचेरी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई
ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक, रामू पाठक समेत कार चालक, गनर समेत 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत कई आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगा है। कमलेश पाठक आगरा जेल हैं जबकि उरई में संतोष व फिरोजाबाद जेल में रामू पाठक निरुद्ध हैं। यह मामला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय के न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच पूर्व मंत्री कमलेश पाठक एवं उनके गनर कांस्टेबल अवनीश प्रताप सिंह को हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जिसको वादी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस फैसले को चुनौती दी थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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