March 12, 2026

*किसानों और ग्रामीणों के नवाचारों को मिला मंच, हरिश्चंद्र रहे अव्वल*

*नवप्रवर्तन प्रदर्शनी में गूंजा विज्ञान और तकनीक का संगम*

*औरैया।* विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जिला विज्ञान क्लब द्वारा असंगठित क्षेत्र के नव प्रवर्तकों हेतु जनपद स्तरीय नवप्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन दिबियापुर स्थित श्री रामरतन गुप्त बालिका इंटर कॉलेज में किया गया। प्रदर्शनी में जिलेभर से आए ग्रामीण नवप्रवर्तकों ने अपने अनोखे उपकरणों, उत्पादों और आविष्कारों का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वीजीएम प्राचार्य डॉ. इकरार अहमद एवं सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक जी एन अग्रवाल ने फीता काटकर तथा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्राचार्य ने उपस्थितजनों को पराली न जलाने की शपथ दिलाते हुए कहा कि व्यक्ति को अपनी प्रतिभा पहचानकर व्यवहारिक ज्ञान विकसित करना चाहिए। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आई.पी. सिंह ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए ग्रामीण नवप्रवर्तनों का प्रचार पूरे देश के लिए लाभकारी है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया।जिला विज्ञान क्लब समन्वयक मोहित सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शनी असंगठित क्षेत्र के नवाचारी कार्य करने वाले ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने हेतु आयोजित की गई है। प्रदर्शनी में ग्रामीणों ने वनस्पतियों से औषधि निर्माण, घरेलू उत्पाद, खेती के यंत्र, राजमिस्त्री उपकरण व शिल्पकारी वस्तुओं का प्रदर्शन किया। रेशम विकास अधिकारी राजेश सिंह ने किसानों को कीट पालन व रेशम उद्योग से संबंधित जानकारी दी।कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक शिवनाथ गुप्ता, प्रवक्ता हर्षवर्धन अग्रवाल, पॉलिटेक्निक प्रवक्ता अविनाश एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त विज्ञान शिक्षक मनीष कुमार ने विज्ञान, तकनीकी शिक्षा व उद्योग से जुड़ी जानकारी साझा की। निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य ने नवप्रवर्तकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रथम पुरस्कार के रूप में आठ हजार रुपये की धनराशि निवादा, बिधूना के किसान हरिश्चंद्र को उनके आधुनिक निराई-गुड़ाई यंत्र के लिए दी गई। द्वितीय पुरस्कार पांच हजार रुपये भीखेपुर, अजीतमल के इंद्रजीत को बीज बुवाई यंत्र के लिए तथा तृतीय पुरस्कार तीन हजार रुपये भीखेपुर के दीपू को दीवार बनाने का फरमा तैयार करने के लिए प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त आत्माराम, मूलचंद, संतोष कुमार, चारु और पवन को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप दो-दो हजार रुपये की धनराशि दी गई। कार्यक्रम के संचालन में प्रीति त्रिपाठी, सुमित नारायण, कमलकांत पाल, विकास सक्सेना और मुहीत सिद्दीकी का विशेष सहयोग रहा।

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