*सफाई कर्मियों की लंबी फौज क्या सरकारी कार्यालयों में कर रही मौज?*
*सरकारी कार्यालयों में बैठे दिखते तमाम सफाई कर्मी फिर गांवों में हाजिरी कैसे लगती*
*त्यौहारों के बावजूद सफाई के अभाव में गांवों में गंदगी से पटी नालियां बीमारियां फैलने की आशंका*
*बिधूना,औरैया।* कहने को तो सरकार द्वारा गांवों की सफाई व्यवस्था के लिए जिले में सफाई कर्मियों की लंबी फौज तैनात कर दी गई है, लेकिन इनमें से तमाम सफाई कर्मी अपनी तैनाती के गांवों से दूर विभिन्न सरकारी कार्यालयों व कुछ अधिकारियों के साथ प्रधानों के यहां अपनी सेवाएं देते नजर आ रहे हैं। इससे सफाई कर्मियों के अपने तैनाती के गांवों में न पहुंचने से तमाम गांवों की सफाई व्यवस्था छिन्न-भिन्न पड़ी हुई है, वहीं विभिन्न त्योहारों के बावजूद भी सफाई के अभाव में कीचड़ गंदगी से बजबजा रही नालियों गलियों के कारण गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका से ग्रामीण भयभीत है। गांवों में सफाई के लिए तमाम सफाई कर्मियों के न पहुंचने के बावजूद इन तमाम सफाई कर्मियों की हाजिरी उनके तैनाती वाले गांवों में लगाए जाने की चर्चा आम है। हालांकि संबंधित अधिकारियों द्वारा सफाई कर्मियों के किसी कार्यालय में संबद्ध किए जाने की बात से साफ इंकार करते हुए सभी सफाई कर्मियों के उनके तैनाती के स्थानों पर सफाई कार्य करने की बात कही गई है। . कहने को तो औरैया जिले में सात विकास खंडों की 477 ग्राम पंचायतें व 777 राजस्व गांव है और गांव की सफाई के लिए 819 सफाई कर्मियों की लंबी फौज तैनात की गई है वहीं जनचर्चा आम यह भी है कि इनमें से तमाम तथाकथित सफाई कर्मी विभिन्न सरकारी कार्यालयों, कुछ अधिकारियों व कुछ प्रधानों के यहां अपनी सेवाएं देते नजर आ रहे हैं किंतु फिर इसके बावजूद आखिर उनकी हाजिरी उनकी तैनाती से संबंधित ग्राम पंचायतों कैसे दर्ज हो रही है इस सवाल को लेकर संबंधित अधिकारियों की नियत पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। तमाम सफाई कर्मियों के अपने तैनाती से संबंधित गांवों में सफाई के लिए न पहुंचने से गांवों की सफाई व्यवस्था बुरी तरह छिन्न भिन्न नजर आ रही है। सबसे गौरतलब बात तो यह है कि बारिश के साथ करवा चौथ धनतेरस दीपावली के त्यौहार भी सन्निकट है और इसके बावजूद भी नाले नालियों की सफाई न कराए जाने से सफाई के अभाव में तमाम गांवों की नालियां गंदगी और कीचड़ से बजबजाती नजर आ रही हैं जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका से ग्रामीण बेहद चिंतित है। आखिर गांवों की सफाई के लिए तैनात तमाम तथाकथित सफाई कर्मी तमाम शिकायतों के बावजूद भी अपनी जिम्मेदारी से क्यों मुंह मोड़े हुए हैं यह भी एक बड़ा सोचनीय सवाल है लेकिन कोई भी इसका जवाब नहीं दे रहा है। हालांकि संबंधित अधिकारियों ने सफाई कर्मियों के कार्यालयों में तैनाती के आरोपों को निराधार बताते हुए सफाई कर्मियों द्वारा ग्राम पंचायतों में अपनी तैनाती वाले स्थानों पर सफाई कार्य करने और सफाई कार्य कहीं भी प्रभावित न होने की बात कही गई है लेकिन भाई यह जनता है सब जानती है इस इस समस्या के लेकर आक्रोशित आम जनता का गुस्सा अपने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर फूटता नजर आ रहा है और आगामी विधानसभा चुनाव में सियासतदारों को इसका खमियाजा भुगतने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
