अधिकांश ग्राम पंचायतों में बने मिनी सचिवालय अब तक कसौटी पर नहीं उतरे खरे*
*मिनी सचिवालयों से ग्रामीणों को नहीं मिल रही अपेक्षित सुविधाएं सीएम के आदेश को लग रहा पलीता*
*बिधूना,औरैया।* शासन द्वारा विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीणों की जिला, तहसील व ब्लाक मुख्यालयों की भागदौड़ से बचाने के दृष्टिगत ग्राम पंचायतों में लाखों रुपए की लागत से मिनी सचिवालयों का निर्माण कराए जाने के साथ उन पर पंचायत सहायक समेत विभिन्न कर्मियों की तैनाती भी निर्धारित कर दी गई है किंतु इसके बावजूद जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि शासन व प्रशासन की उदासीनता के चलते अब तक जिले के तमाम मिनी सचिवालय सरकार की मंशा की कसौटी पर खरे उतरते नजर नहीं आ रहे हैं जिसके चलते ग्रामीणों को इन ज्यादातर सचिवालयों से कोई लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। .कहने को तो शासन द्वारा औरैया जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, बिधूना, अछल्दा, ऐरवाकटरा, सहार समेत सभी ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में लाखों रुपए की लागत से मिनी सचिवालयों का निर्माण कराया गया है और इन मिनी सचिवालयों में पंचायत सहायक समेत विभिन्न कर्मियों के मौजूद रहने की भी व्यवस्था निश्चित की गई है ताकि संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए उनके ऑनलाइन आवेदन किए जाने के साथ जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीकरण समेत विभिन्न आवश्यक सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनकी ग्राम पंचायत में ही आसानी से मिल सके और जिला तहसील व ब्लाक मुख्यालयों की भाग दौड़ से निजात मिल सके। हालांकि जमीनी धरातल पर देखने में आ रहा है कि अधिकांश मिनी सचिवालयों पर निर्धारित व्यवस्थाएं आज तक नहीं हो सकी है और तमाम ऐसे भी मिनी सचिवालय देखने में आ रहे हैं जहां पर संबंधित कर्मचारी सप्ताह में एक दो बार पहुंच जाए तो बहुत बड़ी गनीमत होगी। विकासखंड बिधूना में कुछेक मिनी सचिवालय ऐसे भी नजर आ रहे हैं जिनमें आज तक कोई काम भी शुरू नहीं हुआ है। यूं तो सभी मिनी सचिवालयों में पंचायत सहायकों की नियुक्तियां तो कर दी गई है लेकिन तमाम सचिवालयों से संबंधित पंचायत सहायक आज तक जनता के सहायक बने नजर नहीं आ रहे हैं जिससे जहां शासन की मंशा को पलीता लग रहा है वहीं संबंधित अधिकारियों की नियत पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। जिले की जागरूक लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आयुक्त कानपुर मंडल व जिलाधिकारी से शासन की मंशा की कसौटी पर खरे न उतरने वाले मिनी सचिवालयों की जांच कराने एवं लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है ताकि ग्रामीण जनता को निर्धारित सुविधाओं का लाभ मिल सके।
